शादी करने से पहले क्या सोचना चाहिए? शादी से पहले क्या महत्वपूर्ण होता है?

विवाह प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए क्या आवश्यक है? shadi se pahle kya janana jaruri hai?

शादी हर किसी के जीवन का एक अहम निर्णय होता है। शादी के बाद हर व्यक्ति का जीवन पूरी तरह से बदल जाता है फिर चाहे वह पुरुष हो या स्त्री। जिंदगी बदलने से हमारा मतलब यह नहीं कि शादी के बाद आप की इच्छाएं बदल जाएगी। बल्कि शादी के बाद घर और परिवार की जिम्मेदारी बढ़ने के कारण थोड़ा बहुत एडजस्टमेंट करना पड़ता है।

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शादी के बाद जीवन में बदलाव आने के कारण चाहे जो भी हो परंतु कुल मिलाकर देखा जाए तो बदलाव करना जरूरी भी होता है। परंतु ऐसा भी नहीं कि आप खुद के जीवन को भूल कर सारी जिंदगी सिर्फ सामंजस्य स्थापित करने के बारे में ही सोचते रहे। इसलिए शादी जैसा महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले आपको थोड़ा सतर्क जरूर रहना चाहिए।

कई बार घर परिवार के दबाव या फिर बाहरी दिखावे को देखकर ही विवाह प्रस्ताव स्वीकार करने की भूल कर दी जाती है। परंतु विवाह प्रस्ताव स्वीकार करने से पहले आपको सावधानी जरूर रखनी चाहिए ताकि आपकी एक भूल आप को सारी जिंदगी सहन ना करनी पड़े। चलिए बताते हैं आपको कि विवाह प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए आपको किन आवश्यक बातों का ध्यान रखना चाहिए।

पार्टनर की शादी के लिए सहमति

कभी भी जल्दबाजी में शादी का प्रस्ताव स्वीकार करने की भूल ना करें क्योंकि आजकल का समय बहुत मॉडर्न हो चुका है। इसलिए विवाह पूर्व लड़के या लड़की के संबंध किसी अन्य से होना आम बात है। अक्सर ऐसे मामलों में पारिवारिक दबाव में आकर लड़का और लड़की शादी के लिए राजी हो जाते हैं।

परंतु ऐसे मामलों में असली विवाद शादी के बाद उत्पन्न होता है जब दोनों ही एक दूसरे के साथ अपने भूतकाल को भूल कर खुश नहीं रह पाते हैं। इसलिए यदि आप भी नहीं चाहते कि शादी के बाद आपकी जिंदगी बर्बाद ना हो। तो ऐसे में विवाह प्रस्ताव स्वीकार करने से पहले अपने पार्टनर से खुलकर बातचीत जरूर करें। उनसे शादी के लिए रजामंदी या दबाव होने की जानकारी पहले से ही ले।

पार्टनर की पसंद नापसंद

हर एक इंसान की पसंद नापसंद और आदतें अलग-अलग होती हैं। अगर आप सोचते हैं कि शादी के बाद अपने आप एडजस्टमेंट हो जाती है तो आप गलत हैं। कई बार एक दूसरे की शौक और आदतें अलग होना भी जिंदगी में तनाव पैदा कर देता है। इसलिए विवाह का प्रस्ताव स्वीकार करने से पहले यह बात स्पष्ट कर दें कि आपको अपने पार्टनर में क्या खूबियां पसंद है और क्या नहीं। कई बार बिना सोचे समझे ही स्वीकार किया गया विवाह प्रस्ताव गलत साबित हो जाता है।

लड़की की नौकरी या पढ़ाई संबंधित रजामंदी

अगर एक लड़की पढ़ी-लिखी है और नौकरी भी करती है या फिर अपनी पढ़ाई अब भी कर रही है। ऐसे में उन्हें खासतौर पर लड़के वालों से नौकरी और पढ़ाई जारी रखने की बात कर लेनी चाहिए। कई बार लड़का परिवार शादी के बाद लड़की की पढ़ाई को जारी रखना या फिर उसे नौकरी की इजाजत देना जरूरी नहीं समझता है। ऐसे में एक लड़की की खुशियों और भविष्य का गला घोट ना तो हरगिज़ उचित नहीं है। इसलिए शादी से पहले ही नौकरी और पढ़ाई संबंधी बातचीत भी कर लेनी चाहिए।

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